Muzaffarpur Hospital Agnikand: मुजफ्फरपुर के प्रसाद अस्पताल में भीषण अग्निकांड से पूरा शहर सहम उठा। इस अग्निकांड में अब तक पांच लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 30 से ज्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं। घायलों को गंभीर हालत में आनन-फानन में दूसरे अस्पताल में भर्ती कराया गया। आग लगने की खबर सुनते ही मरीज और उनके परिजन जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। सूचना पर पहुंचा स्थानीय प्रशासन ने अन्य विभागों के साथ राहत बचाव कार्य शुरू कर दिया।
हादसे पर बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने दुख जताया। उन्होंने मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपए का मुआवजा देने की घोषणा की। प्रशासन को घायलों के बेहतर इलाज और राहत कार्य में कोई कमी नहीं रखने के निर्देश दिए हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, अस्पताल में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट बताई जा रही है। हादसे के समय अस्पताल में करीब 15 मरीज भर्ती थे।
घटना की जांच के लिए संबंधित एजेंसियों की टीमें मौके पर पहुंच गईं। अधिकारियों का कहना है कि आग लगने के कारणों की विस्तृत जांच की जा रही है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर पड़ताल की जाएगी। घटना स्थल पर मौजूद लोगों ने बताया कि रात करीब 3 बजे अस्पताल के आईसीयू से धुआं निकलता देखा गया। जिसके बाद अस्पताल में चीख-पुकार मच गई। धुएं के गुबार से लोगों को सांस लेना मुश्किल हो गया।
वहीं, कुछ लोगों ने आरोप लगाया कि शुरुआती समय में मौके पर पर्याप्त मदद नहीं मिल सकी, अगर मदद मिल जाती तो इतना बड़ा हादसा नहीं होता। हालांकि, बाद में स्थानीय प्रशासन, दमकल विभाग और स्वास्थ्य कर्मियों ने राहत कार्य तेज कर दिया। इस दर्दनाक हादसे ने अस्पतालों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल के कठघरे में खड़ा कर दिया।
Read Also: Health: रोजाना सुबह खाली पेट खाएं कच्चा पपीता, चमत्कारिक फायदे कर देंगे हैरान

