Yoga International Day 2026: क्या है इस साल की थीम, जानें इसका इतिहास और महत्व

yoga_day_21_XsgQ6e2LF.jpg

Yoga International Day History And Importance: 21 जून का दिन भारत के साथ-साथ दुनिया के तमाम देशों के लिए बेहद खास है क्योंकि इस दिन वैश्विक स्तर पर अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाता है, जो न केवल हमारे शरीर को स्वस्थ रखने का माध्यम है बल्कि हमारे मन और आत्मा के बीच संतुलन का भी जरिया है। पिछले कुछ सालों में योग दिवस बड़े स्तर पर लोकप्रिय हुआ है, जो कि हर साल एक नई थीम, नए रिकॉर्डस के साथ आगे बढ़ता जा रहा है। भारत की प्राचीन पंरपरा का हिस्सा रहा यह योग आज दुनिया में अपनी पहचान बना चुका है, इसी के साथ अब योग लोगों की दिनचर्या का अहम हिस्सा भी बन गया है।

क्या है 2026 की थीम

अंतर्राष्ट्रीय योग के दिवस के अवसर पर हर साल कोई न कोई थीम रखी जाती है जिसका मकसद एक नए लक्ष्य के साथ योग में नवीनता आ सकें। इस बार भी योग दिवस से पहले थीम रखी गई है, जिसमें साल 2026 की थीम है- Yoga for Healthy Ageing यानी स्वस्थ उम्र के लिए योग। जिसका साफ मतलब है कि एक स्वस्थ उम्र के लिए योग की महत्वता ताकि हर उम्र का व्यक्ति स्वस्थ, चुस्त-दुरुस्त रह सकें।

yoga_day_22_FIeckzrbK.jpg

योग दिवस की शुरूआत

अगर बात योग की उत्पत्ति की जाए तो इसकी जड़ें भारत की प्राचीन संस्कृति और सभ्यता से जुड़ी मानी जाती हैं। सदियों से ही योग भारतीय जीवनशैली और आध्यात्मिक परंपरा का हिस्सा रहा है। हालांकि, अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की शुरुआत साल 2014 में हुई थी। जब 27 सितंबर 2014 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने (UNO) में अपने संबोधन के दौरान 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाने का प्रस्ताव रखा था।

इसी साल दिसंबर में 177 देशों की सर्वसम्मति से मंजूरी मिली थी। इसके बाद 21 जून 2015 को पहली बार पूरी दुनिया में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया गया। जिसमें भारत सहित अनेक देशों में लाखों लोगों ने सामूहिक योगाभ्यास में हिस्सा लिया। भारत के अलग-अलग हिस्सों में इस दिन बड़े योगा के बड़े कार्यक्रमों को आयोजित किया गया।  

21 जून को क्यों मनाया जाता है दिवस

हर साल 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाता है। ऐसे में कई लोगों के मन में यह सवाल उठता है कि आखिर योग दिवस के लिए 21 जून की तारीख ही क्यों चुनी गई? दरअसल, 21 जून उत्तरी गोलार्ध का सबसे लंबा दिन होता है। इस दिन सूर्य की रोशनी सबसे अधिक समय तक रहती है, इसलिए इसे ऊर्जा, सकारात्मकता और प्रकृति के संतुलन का प्रतीक माना जाता है। इसके अलावा भारतीय परंपरा और योग दर्शन में भी 21 जून का विशेष महत्व है।

Read Also: Daily Yoga: योगा करते समय जान लेनी चाहिए ये जरुरी बातें, वरना शरीर को उठाना पड़ेगा नुकसान

बता दें कि, 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 का मुख्य आयोजन 21 जून को पश्चिम-बंगाल के कोलकाता में होगा जहां इसी साल बीजेपी की सरकार बनी है। इस योग दिवस में कही गिनीज रिकॉर्ड भी बनाने का लक्ष्य भी रखा गया है वहीं, पीएम मोदी के योग गुरु एचआर नागेंद्र न्यूयॉर्क के प्रतिष्ठित टाइम्स स्क्वायर में समारोह का नेतृत्व करेंगे।

yoga_day_23_jt4jBiUdn.jpg

योग का महत्व

आज के जीवन में योग केवल एक व्यायाम नहीं, बल्कि स्वस्थ और संतुलित जीवन जीने का प्रभावी माध्यम है। यही कारण है कि आज के समय में इसकी महत्वता भी अधिक है योग शरीर की लचीलापन बढ़ाने, मांसपेशियों को मजबूत करने और शरीर के संतुलन बनाने में मदद करता है। इसके साथ ही यह तनाव, चिंता और अवसाद जैसी मानसिक समस्याओं को कम करने में भी प्रभावी माना जाता है। योग और प्राणायाम के नियमित अभ्यास से एकाग्रता बढ़ती है, नींद की गुणवत्ता सुधार आता है। इसके अलावा यह दिनभर चुस्त रखने और ऊर्जावान बनाने में भूमिका निभाता है। देश में अब महिला, बच्चों समेत हर उम्र के लोग योगाभ्यास करते हैं।

Read Also: Weather Update: दिल्ली-एनसीआर में खराब होगा मौसम, 60 किमी प्रति रफ्तार की हवाओं के साथ बारिश का अलर्ट

Read Also: Ind vs Afg ODI: महारिकॉर्ड की दहलीज पर टीम इंडिया की दस्तक, चेन्नई में जीत के साथ दुनिया को दिखेगी ताकत