Parliament Monsoon Session: मानसून सत्र के तीसरे दिन नीट पेपर लीक मामले को लेकर चल रहे प्रदर्शन और विपक्षी नेताओं के साथ हुई पुलिस की कार्रवाई को लेकर सदन में जमकर हंगामा हुआ। कांग्रेस समेत विपक्षी दलों के सांसदों ने केन्द्र की मोदी सरकार और दिल्ली पुलिस के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी काले कपड़े पहनकर सदन पहुंचे और छात्रों की सरकार के साथ बातचीत की मांग रखी। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी समेत पार्टी के सीनियर सांसद मौजूद रहें।
वायनाड से कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने मीडिया से बातचीत करते हुए सरकार को निशाने पर लिया और कहा कि देश का भविष्य आज अपना हक मांग रहा है लेकिन केन्द्र की तानाशाह सरकार उन्हें सिर्फ लाठियां दे रही हैं। छात्रों को अधिकार है कि वह सरकार से जवाब और न्याय मांगे। सरकार को छात्रों के साथ संवाद करना चाहिए। इस समय पूरा देश बीजेपी की तानाशाही देख रहा है।
उन्होंने कहा कि "हम छात्रों के साथ हैं और उनकी आवाज उठा रहे हैं। छात्र केवल बातचीत और व्यवस्था में सुधार की मांग कर रहे हैं। बच्चे मेहनत करके पढ़ाई करते हैं और अपने भविष्य के सपने देखते हैं। यदि उनकी समस्याओं को नजरअंदाज किया जाएगा तो इसका असर उनके भविष्य पर पड़ेगा।" उन्होंने सरकार पर लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर करने का आरोप लगाते हुए कहा कि सड़क और संसद दोनों जगह लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाने का अधिकार होना चाहिए। उन्होंने कहा कि विपक्ष की ओर से किया जा रहा प्रदर्शन लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा है।
इस दौरान कांग्रेस सांसद नसीर हुसैन ने छात्रों के साथ पुलिस के कथित व्यवहार को लेकर सरकार की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज, आंसू गैस और वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया गया। उन्होंने कहा कि छात्र और युवा अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे, लेकिन उनके साथ कठोर रवैया अपनाया गया। नसीर हुसैन ने कहा कि पुलिस कार्रवाई से यह स्पष्ट होता है कि सरकार छात्रों और युवाओं की समस्याओं को सुनने के लिए तैयार नहीं है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सांसद इसी कार्रवाई के विरोध में काले कपड़े पहनकर संसद पहुंचे हैं।
विपक्ष के साथ गलत व्यवहार- के. सुरेश
वहीं, कांग्रेस सांसद के. सुरेश ने कहा कि काले कपड़े पहनकर किया गया प्रदर्शन विपक्षी नेताओं के साथ कथित दुर्व्यवहार के विरोध में है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने विपक्षी सांसदों के साथ अनुचित व्यवहार किया, जिसके विरोध में कांग्रेस ने इसे ‘काला दिवस’ के रूप में मनाया। कांग्रेस महासचिव और सांसद केसी वेणुगोपाल ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि, जब देश का युवा उनका इस्तीफा मांग रहा है तो उन्हें अपना पद छोड़ देना चाहिए। बीजेपी शासन में शिक्षा प्रणाली पूरी तरह से कमजोर हो गया है।
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