Shamli: कैराना से हिन्दू पलायन का मुख्य आरोपी एनकाउंटर में ढेर, मुकीम काला गैंग का था सक्रिय सदस्य, पुलिस ने रखा था एक लाख का ईनाम

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Kairana Furkan Encounter: पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिला शामली में पुलिस और एसटीएफ टीम को एक कामयाबी मिली है। जिले के थाना झिंझाना क्षेत्र के अंतर्गत हुई एक मुठभेड़ में कैराना पलायन प्रकरण का आरोपी और कई सनसनीखेज वारदातों को अंजाम दे चुका कुख्यात बदमाश मोहम्मद फुरकान एनकाउंटर में ढेर हो गया। बदमाश ने गिरफ्तारी से बचने के लिए पुलिस टीम पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी, जिसमें एक सिपाही के पेट में गोली लग गई।

पुलिस की जवाबी कार्रवाई में कुख्यात बदमाश ढेर हो गया जबकि उसका अक अन्य साथी खेत का फायदा उठाकर फरार होने में कामयाब रहा। पुलिस टीमें इस आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार खाक छान रही है। पुलिस अधीक्षक ने मीडिया से जानकारी देते हुए बताया कि बुधवार दोपहर करीब 12 बजे थाना झिंझाना एसएचओ वीरेंद्र कसाना को पुख्ता सूचना मिली थी कि एक लाख का इनामी बदमाश फुरकान अपने एक साथी के साथ गांव रंगाना के पास बने एक पोल्ट्री फॉर्म पर छिपा हुआ है और किसी बड़ी आपराधिक वारदात को अंजाम देने की फिराक में है।

सूचना मिलते ही एसओजी टीम प्रभारी राहुल सिसौदिया, झिंझाना एसएचओ वीरेंद्र कसाना और बाबरी थाना एसओ कुलदीप सिंह अपनी-अपनी टीमों के साथ तत्काल मौके पर पहुंचे और पूरे इलाके की चतुर्दिक घेराबंदी कर दी। पुलिस को नजदीक आते देख शातिर फुरकान ने अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी, जिसमें पुलिस का एक जवान घायल हो गया। जवाब में पुलिस ने एनकाउंटर में फुरकान को ढेर कर दिया जबकि उसका साथी फरार होने में कामयाब रहा।

गौरतलब है कि, कुख्यात फुरकान मूलरूप से शामली जिले के कैराना स्थित आर्यपुरी मोहल्ले का रहने वाला था। वह लंबे समय से फरार चल रहा था और उसकी गिरफ्तारी पर पुलिस प्रशासन की ओर से एक लाख रुपए का इनाम घोषित किया था। अपराधिक इतिहास खंगालने पर सामने आया कि फुरकान पर हत्या, लूट, रंगदारी और आर्म्स एक्ट जैसे करीब 30 संगीन मुकदमे दर्ज थे।

आज से करीब 12 वर्ष पहले उसने शामली के कैराना में दिनदहाड़े बाजार के बीच मशहूर व्यापारी नेता विनोद सिंघल की गोली मारकर निर्मम हत्या कर दी थी। इस मामले में उसे अदालत से 10 साल की सजा भी हो चुकी थी, लेकिन वह हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद बाहर आकर फिर से वारदातों को अंजाम दे रहा था।

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हिन्दू परिवारों ने किया था पलायन

पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, साल 2014 में फुरकान कुख्यात अपराधी मुकीम काला गैंग से जुड़ गया था। इस खतरनाक गैंग ने उस दौर में पूरे क्षेत्र में आतंक मचा रखा था। साल 2016 में कैराना में महज 10 दिन के भीतर रंगदारी वसूलने के लिए तीन व्यापारियों की ताबड़तोड़ हत्या कर दी गई थी। इस खौफनाक वारदात और लगातार मिल रही धमकियों के बाद कैराना से कई हिंदू परिवारों को मजबूरी में पलायन करना पड़ा था, जो पूरे देश में एक बड़ा राजनीतिक और सामाजिक मुद्दा बन गया था। इस मुद्दे पर बीजेपी ने लगातार सत्ता समाजवादी पार्टी और कांग्रेस को घेरा था बावजूद इसके बीजेपी प्रदेश में भी पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने में कामयाब रही थी।

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