Delhi: महंगाई के बीच RBI का बड़ा फैसला, रेपो रेट में नहीं हुआ बदलाव, जानें पूरी डिटेल

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Delhi: आम लोगों को फिलहाल होम लोन और अन्य किस्तों में किसी तरह की राहत या झटका नहीं मिलने वाला है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने रेपो रेट (Repo Rate) को 5.25 फीसदी पर ही बरकरार रखने का फैसला किया है। बीती 3 से 5 जून तक चली इस तीन दिवसीय बैठक के बाद आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने शुक्रवार सुबह 10 बजे समिति के निर्णयों की घोषणा की। 

यह फैसला गवर्नर अध्यक्षता वाली 6 सदस्यीय मॉनिटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) की बैठक में लिया गया। आरबीआई के इस फैसले का सीधा मतलब है कि बैंकों के लिए केंद्रीय बैंक से लोन लेने की लागत में कोई बदलाव नहीं होगा ऐसे में होम लोन, कार लोन और पर्सनल लोन की ब्याज दरें भी फिलहाल पहले जैसे ही रहेगी।  

यानी आपकी (EMI) में अभी कोई बदलाव देखने को नहीं मिलेगा। दरअसल, पश्चिम एशिया में जारी तनाव, वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं और रुपए में उतार-चढ़ाव के बीच बाजार की नजरें इस बैठक पर टिकी थीं। हालांकि, अर्थशास्त्रियों ने पहले ही अनुमान लगाया था कि आरबीआई इस बार ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं करेगा।

आरबीआई ने साफ किया है कि वह महंगाई और आर्थिक विकास दोनों पर नजर बनाए हुए है। गवर्नर संजय मल्होत्रा के मुताबिक, वैश्विक चुनौतियों के बावजूद खुदरा महंगाई दर अभी तय लक्ष्य के भीतर है और घरेलू बाजार पर बाहरी दबाव का असर सीमित रहा है।

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क्या है रेपो रेट ? 

रेपो रेट वह दर होती है जिस पर आरबीआई कमर्शियल बैंकों को कर्ज देता है। जब रेपो रेट बढ़ता है तो बैंकों की लागत बढ़ जाती है और इसका असर ग्राहकों के लोन पर पड़ता है। रेपो रेट में कटौती होने पर कर्ज सस्ता होने की संभावना बढ़ जाती है। फिलहाल, आरबीआई ने ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं कर यह संकेत दिया है कि वह मौजूदा आर्थिक हालात का आकलन करने के बाद ही आगे कोई बड़ा कदम उठाएगा।

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