Delhi Electricity Bill Hike: उत्तर भारत में पड़ रही भीषण गर्मी के बीच राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के करोड़ों बिजली ग्राहकों के लिए परेशान करने वाली खबर सामने आई है। जहां विश्व स्तर पर जारी तनाव के बीच पेट्रोल-डीजल और गैस के दामों में बढ़ोत्तरी हो रही हैं तो वहीं अब दिल्ली में बिजली के दामों में बढ़ोत्तरी होने जै रही है। जिसका सीधा असर आम जनता की जेब पर पड़ने जा रहा है।
दरअसल, दिल्ली विद्युत विनियामक आयोग यानी (DERC) ने आज एक बड़ा फैसला लिया है। जिसमें (DERC) ने निजी बिजली वितरण कंपनियों को उपभोक्ताओं से (FPPAS) यानी फ्यूल एंड पावर परचेज एडजस्टमेंट सरचार्ज वसूलने की छूट दे दी हैं जिसके बाद दिल्ली में जून का बिजली बिल महंगा हो जाएगा। बता दें कि, इस नए आदेश के जारी होने के बाद अब बिजली कंपनियों पर लगी 10 फीसदी की पुरानी सीमा खत्म हो जाएगी और दिल्ली में मासिक बिजली बिल लगभग 16 से लेकर 18 प्रतिशत तक बढ़ जाएगा।
बिजली बिल महंगा होने की वजह ?
बीते कुछ महीनों से वैश्विक स्तर पर जारी तनाव के कारण पैदा हुए ऊर्जा संकट और बिजली खरीद लागत में बढ़ोत्तरी हुई है जिससे भारत तक आयात होने वाले सामानों का खर्च भी महंगा हो गया। जिसकी भरपाई करने के लिए अब दिल्ली की बिजली कंपनियों– बीआरपीएल (BRPL), बीवाईपीएल (BYPL), टीपीडीडीएल (TPDDL) के अप्रैल के महीने में आई भारी लागत के बाद से मई में लिमिट बढ़ाने की मांग की थी जिसे अब मंजूर कर लिया गया है।
बिजली कंपनियां सरचार्ज वसूलेंगी
बता दें कि, इस नए फैसले के बाद अलग-अलग बिजली कंपनियों का फ्यूल सरचार्ज क्षेत्र के हिसाब से अलग-अलग होगा जिसमें टाटा पावर के अंतर्गत आने वाले उत्तरी दिल्ली के उपभोक्ताओं को अब 16 प्रतिशत (FPPAS) देना होगा। वहीं, दक्षिण-पश्चिमी दिल्ली जो कि (BRPL) के अंतर्गत आती है वहां के ग्राहकों को 17.94 प्रतिशत सरचार्ज वसूला जाएगा और (BYPL) जिसके अंतर्गत पूर्वी और मध्य दिल्ली के ग्राहकों को कुल 17.43 प्रतिशत का सरचार्ज देना पड़ेगा। (DERC) ने यह भी साफ तौर पर कहा है कि बिजली कंपनियों को दी गई यह छूट तब तक जारी रहेगी जब तक आयोग इस संबंध में कोई नया आदेश जारी नहीं कर देता।
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