Ram Mandir Donation Theft: अयोध्या स्थित राम मंदिर के चढ़ावा चोरी मामले में पहली बार एक्शन हुआ है। इस मामले में पहली बार एसआईटी की जांच रिपोर्ट के बाद एफआईआर दर्ज कर ली गई है। शुरुआती जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर यह कदम उठाया गया है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के ट्रस्ट की शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज की गई। श्रीकृष्ण मोहन की शिकायत पर मामला दर्ज हुआ है। बताया जा रहा है कि इस मामले में आठ लोगों के खिलाफ नामजद और बाकी अज्ञात लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज की गई है। मंदिर ट्रस्ट ने टिन्नू यादव,अनुकल्प मिश्रा समेत आधा दर्जन लोगों पर एफआईआर दर्ज कराई है। इस संबंध में गबन, धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश की धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है।
प्रदेश की योगी सरकार के निर्देश पर बीएनएस के तहत 306, 316(5), 317(4), 317(5), 61 और 3(5) की धाराओं में एफआईआर दर्ज हुई है। यह मामला रामजन्मभूमि कोतवाली में दर्ज हुआ है। जांच के दौरान एसआईटी टीम को डोनेशन बॉक्स की चाबियां रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू के पास मिलीं। एसआईटी ने ऐसे करीब 150 सेवादारों और कर्मचारियों को चिह्नित किया है, जिनकी आर्थिक स्थिति में 22 जनवरी, 2024 को रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद बदलाव आया।
13 जून को बनाई गई एसआईटी
बता दें कि, राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच के लिए 13 जून को एसआईटी बनाई गई थी। यह जांच टीम विपक्ष के आरोपों के बाद बनाई गई थी। इसमें लखनऊ कमिश्नर विजय विश्वास पंत (IAS), IG लखनऊ रेंज किरण शिवकुमार और यूपी फाइनेंस एंड अकाउंट्स सर्विस के विशेष सचिव (वित्त) नीलरतन कुमार शामिल हैं। एसआईटी ने 23 जून को अपनी जांच रिपोर्ट एडिशनल चीफ सेक्रेटरी संजय प्रसाद को सौंपी थी। अब इस रिपोर्ट को सौंपने के बाद यह एफआईआर दर्ज की गई है।
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अब तक 2 करोड़ की रिकवरी
उल्लेखनीय है कि, राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में 5 आरोपियों लवकुश, अवनीश, अनुकल्प, करुणे और रामशंकर उर्फ टिन्नू की निशानदेही पर अब तक 2 करोड़ रुपए की रिकवरी हो चुकी है। ट्रस्ट महासचिव चंपत राय के करीबी टिन्नू के घर से सोना मिला था, शुरुआती अनुमानों के मुताबिक, राम मंदिर चढ़ावे से हुई चोरी 200 करोड़ रुपए से ज्यादा की हो सकती है। विपक्ष लगातार राम मंदिर चढ़ावा चोरी का मामला उठा रहा है।
