Rules Change From August 2026: अगस्त महीने की शुरुआत देशभर में कई बड़े आर्थिक, बैंकिंग और प्रशासनिक बदलावों के साथ हुई है। जिनका सीधा असर आम लोगों की जेब, रोजमर्रा के खर्च और वित्तीय लेनदेन पर पड़ने वाला है। बैंकिंग सेवाओं, रेलवे के तत्काल टिकट बुकिंग नियम, टैक्स से जुड़े प्रावधान और अन्य महत्वपूर्ण व्यवस्थाओं में हुए बदलाव, हर नागरिक के लिए जानना जरूरी हैं। ऐसे में यदि आप बैंकिंग सेवाओं का उपयोग करते हैं, ट्रेन से यात्रा करते हैं या फिर नियमित वित्तीय लेनदेन करते हैं तो इन नए नियमों की जानकारी होना आपके लिए बेहद जरूरी है। तो आइए जानते हैं 1 अगस्त 2026 से लागू हुए उन 5 बड़े बदलावों के बारे में, जिनका असर देश के लगभग हर परिवार पर पड़ने वाला है।
LPG सिलेंडर के दाम में बदलाव
हर महीने की तरह इस भी सरकारी तेल विपणन कंपनियों (OMCs) ने LPG गैस सिलेंडरों की नई कीमतें जारी कर दी हैं। घरेलू और कमर्शियल सिलेंडरों के दाम अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक बाजार की परिस्थितियों के आधार पर तय किए जाते हैं। इसलिए हर महीने की पहली तारीख को लोगों की नजर नए LPG रेट पर रहती है। इस बार कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमतों में बड़ी कटौती की गई है। आज से दिल्ली में 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल 202 रुपये सस्ता होकर 2,738 रुपये का हो गया है, जबकि कोलकाता में इसकी कीमत 209 रुपये घटकर 2,872.50 रुपये रह गई है हालांकि आम उपभोक्ताओं को राहत नहीं मिली है। 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू LPG सिलेंडर की कीमतों में इस बार कोई बदलाव नहीं किया गया है और इनके दाम पहले की तरह ही बरकरार रखे गए हैं।
तत्काल टिकट बुकिंग के नियम में बदलाव
भारतीय रेलवे ने आज से तत्काल टिकट बुकिंग प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी एवं सुविधाजनक बनाने के लिए नए नियम लागू किए हैं। नए नियम के तहत अब रेलवे आरक्षण काउंटरों पर तत्काल टिकट के लिए टोकन का वितरण बुकिंग शुरू होने के समय से ही किया जाएगा। जिससे यात्रियों को पहले की तरह घंटों पहले लाइन में लगकर टोकन लेने की परेशानी नहीं होगी। और भीड़ व धक्का-मुक्की से बचा जा सकेगा। इसके अलावा ऑनलाइन तत्काल टिकट बुकिंग को सुरक्षित बनाने के लिए भी बड़ा बदलाव किया गया है। अब तत्काल टिकट बुक करते समय आधार (Aadhaar) आधारित OTP सत्यापन अनिवार्य होगा। जिसका उद्देश्य बॉट्स, फर्जी बुकिंग और ब्लैक मार्केटिंग पर रोक लगाना है।
ITR फाइल नहीं किया तो देना पड़ सकता है जुर्माना
वित्त वर्ष 2026-27 के लिए वेतनभोगी कर्मचारियों और ITR-1 एवं ITR-2 श्रेणी के करदाताओं के लिए आयकर रिटर्न (ITR) दाखिल करने की अंतिम तारीख 31 जुलाई 2026 थी। यदि आपने तय समय सीमा तक अपना रिटर्न दाखिल नहीं किया है। तो अब आपको आयकर अधिनियम की धारा 234F के तहत लेट फीस का भुगतान करना पड़ सकता है। नियमों के अनुसार देर से ITR दाखिल करने पर 5,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। हालांकि, जिन करदाताओं को ITR-3 या ITR-4 भरना है, और जिनके खातों के लिए ऑडिट आवश्यक नहीं है। उनके लिए रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 अगस्त 2026 निर्धारित की गई है।
CKYC 2.0 से बैंकिंग होगी और आसान
बैंकिंग और निवेश सेवाओं को अधिक सुरक्षित, आसान और डिजिटल बनाने के लिए CKYC 2.0 (Central Know Your Customer) प्रणाली लागू की जा रही है। इस नई व्यवस्था के तहत प्रत्येक ग्राहक को 14 अंकों का एक यूनिक CKYC नंबर दिया जाएगा। इसके बाद बैंक, बीमा कंपनियों या म्यूचुअल फंड जैसी अलग-अलग वित्तीय संस्थाओं में खाता खोलते समय बार-बार KYC दस्तावेज, जैसे पहचान पत्र और पते का प्रमाण, जमा करने की आवश्यकता नहीं होगी। इससे KYC प्रक्रिया तेज होगी, डेटा की सुरक्षा पहले से अधिक मजबूत होगी, और फर्जी दस्तावेजों या पहचान संबंधी धोखाधड़ी (फ्रॉड) पर भी काफी हद रोक लग सकेगी। यानी एक बार CKYC पूरा होने के बाद आपको हर नई वित्तीय संस्था में बार-बार वही दस्तावेज जमा करने की झंझट से राहत मिलेगी।
GST नियमों में बदलाव
आज से जीएसटी (GST) से जुड़े कुछ नए नियम लागू हो गए हैं। जिनका सीधा असर कारोबारियों, दुकानदारों और ट्रेडिंग से जुड़े व्यवसायों पर पड़ेगा। इन बदलावों के तहत कुछ तकनीकी प्रक्रियाओं और ई-इनवॉइस (e-Invoice) तथा ई-वे बिल (e-Way Bill) सिस्टम में नए प्रावधान लागू किए गए हैं। कई मामलों में 'Ship-to GSTIN' की जानकारी दर्ज करना अनिवार्य किया गया है। जिससे माल की आवाजाही और टैक्स रिकॉर्ड पहले से अधिक सटीक रहेंगे। इससे डेटा की पारदर्शिता बढ़ेगी और टैक्स चोरी की संभावनाओं पर भी अंकुश लगेगा।
