CM Yogi In Ayodhya: श्रीरामलला मंदिर में चढ़ावा चोरी का बड़ा विवाद के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कल 19 जून शुक्रवार को अयोध्या धाम जाएंगे। इस दौरान मुख्यमंत्री दर्शन-पूजन करेंगे और मंदिर व्यवस्थाओं को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक भी कर सकते हैं। इस बीच, इस दौरे को लेकर एक चौंकाने वाली खबर यह है कि श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय को इस पूरे कार्यक्रम से दूर रहने का आदेश दिया गया है।
मुख्यमंत्री के दौरे के लिए प्रशासन ने जो प्रोटोकॉल तैयार किया है, उसके प्वाइंट नंबर 29 पर साफ लिखा है कि चंपत राय श्रीराम मंदिर में सीएम के दर्शन-पूजन की व्यवस्था किसी और से कराएं। जिसे भी अपनी जगह नामित करें, उसकी जानकारी मंदिर मजिस्ट्रेट को दे दें। यानी संदेश एकदम साफ है कि चंपत राय योगी आदित्यनाथ के साथ न दिखें।
प्रशासन के इस आदेश को राम मंदिर के चढ़ावा चोरी मामले से जोड़कर देखा जा रहा है। इसे लेकर मुख्यमंत्री बेहद गंभीर है और इसकी जांच के लिए उच्च स्तरीय एसआईटी गठित कर दी गई है। वह लगातार इस मामले की कड़ियां जोड़ रही है। एसआईटी इस मामले में अब तक कई लोगों से पूछताछ कर चुकी है।
उल्लेखनीय है कि, बुधवार को ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और प्रशासक गोपाल राव से पूछताछ हो चुकी हैं। आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि, जांच टीम ने दान राशि की गिनती करने और ट्रस्ट का रिकॉर्ड रखने वाले लोगों से भी पूछताछ की। राय और राव दोनों से दान राशि, मंदिर के अंदर की व्यवस्थाओं और उससे जुड़े लोगों के बारे में पूछताछ की गई।
सुरक्षा एजेंसियों को रखा गया दूर
इसके अलावा सूत्रों ने बताया कि, एसआईटी के सदस्यों लखनऊ मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत, पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) किरण एस और विशेष सचिव (वित्त) नील रतन ने राय और राव से अलग-अलग पूछताछ की। इस दौरान सुरक्षा एजेंसियों से जुड़े अधिकारियों को दूर रखा गया। आगे जांच में सीसीटीवी फुटेज का सहारा लिया जा रहा है। दान की पेटियों का निरीक्षण, पेटियों की संख्या और पूरी प्रक्रिया के रिकॉर्ड अपने कब्जे में ले लिए हैं। जल्द ही पूरे मामले को उजागर कर दिया जाएगा।
