Daily Yoga: आज के समय में मोटापा सिर्फ फिटनेस से जुड़ी समस्या नहीं रह गया है, बल्कि यह स्वास्थ्य के लिए भी बड़ी चिंता का विषय बन चुका है। वजन बढ़ने से शरीर में कई बीमारियां जैसे डायबिटीज, ब्लड प्रेशर और दिल के रोगों का खतरा बढ़ने लगता है। स्वस्थ जीवन के लिए बढ़ते वजन को कम करना बेहद जरुरी हो गया है। इसके लिए डाइट और वर्कआउट को अहम टूल्स माना जाता हैं। लोग वजन कम करने के लिए लिए भूखे रहते हैं, यहां तक की घंटों जिम में हैवी वर्कआउट करते हैं और अपने शरीर को तकलीफ पहुंचाते हैं। जिससे शरीर का वजन नियंत्रण में रह सके।
कई बार हैवी वर्कआउट डिहाइड्रेश, बेहोशी, घबराहट दिल के रोगों का कारण बन सकता है। वजन बढ़ने का सबसे ज्यादा असर पेट पर दिखता है। पेट पर अतिरिक्त चर्बी जमने लगती है और पेट कपड़ों से बाहर दिखने लगता है। बाहर निकला हुआ पेट देखने में बेहद भद्दा लगता है और कई बीमारियों को दावत देता हैं। आप जानते हैं कि पेट की चर्बी कम करने के लिए योगा का भी सहारा ले सकते हैं। इस आर्टिकल के माध्यम से हम आपको कई असरदार योगा के बारे में बताने जा रहे हैं। जिन्हें अपनाकर हेल्दी जीवनशैली का पालन किया जा सकता है।
भुजंगासन
यह आसन पेट के हिस्से को गहराई से खींचता है जो हमारे पेट पर मौजूद अतिरिक्त क्लोरी को बर्न करने में मदद करता है, जिससे पेट की चर्बी कम हो सकती है। भुजंगासन से पेट के अंगों यकृत, गुर्द पर दबाव बढ़ने से कब्ज दूर होती है, पाचन क्रिया को बेहतर बनाने में मदद करता है। इसके रोजाना अभ्यास करने से मेटाबॉलिजम में सुधार होता है|
विधि
भुजंगासन के अभ्यास के लिए सबसे पहले पेट के बल सीधा लेटकर पैरों के बीच थोड़ी दूरी रखें।
अब हाथों को छाती के पास ले जाते हुए हथेलियों को नीचे टिका लें।
गहरी सांस लेते हुए नाभि को ऊपर उठाएं और आसमान की तरफ देखें।
15 से 30 सेकंड तक इसी पोजिशन में रहें।
नौकासन
नौकासन से पेट और पीठ की मांसपेशियां मजबूत होती है, साथ ही साथ हमारे पाचन तंत्र को सुधारने और शरीर का संतुलन बढ़ाने के लिए एक बेहतरीन योगासन है। इससे पेट की चर्बी कम होती है और कोर स्ट्रेंथ बढ़ती है।
विधि
योगा मैट पर पीठ के बल सीधे लेट जाएं।
दोनों पैरों और हाथों को सीधा रखें।
गहरी सांस लेते हुए सिर, हाथ और पैरों को एक साथ ऊपर उठाएं।
शरीर को V आकार या नाव (Boat) की मुद्रा में लाने की कोशिश करें।
10–20 सेकंड तक इस स्थिति में रहें और सामान्य सांस लेते रहें।
धीरे-धीरे वापस सामान्य अवस्था में आएं।
इस प्रक्रिया को 3 से 5 बार दोहराएं।
धनुरासन
यह आसन हमारी पाचन क्रिया को बेहतर बनाता है। पेट की चर्बी के साथ-साथ यह आसन पीठ और रीढ़ की हड्डी को मजबूत और लचीला बनाता है, जिससे हमारे पॉश्चर में सुधार होता है।
विधि
योगा मैट पर पेट के बल सीधे लेट जाएं।
घुटनों को मोड़कर पैरों को ऊपर उठाएं।
दोनों हाथों से टखनों को पकड़ लें।
सांस लेते हुए छाती और जांघों को ऊपर उठाएं।
शरीर को धनुष (Bow) की तरह खींचें।
15–20 सेकंड तक इस मुद्रा में रहें और सामान्य सांस लेते रहें।
धीरे-धीरे वापस सामान्य स्थिति में आ जाएं।
इस आसन को 3–5 बार दोहराएं।
पवनमुक्तासन
इस आसन में जब आप घुटनों को छाती की तरफ दबाते है, तो पेट के हिस्से पर दबाव पड़ता हैं, और इसी दबाव से पेट की चर्बी को बर्न करने में सहायक होता है। यह आसन एसिडिटी को बाहर निकालता है, जिससे पेट फूला हुआ नहीं लगता है और हल्का महसूस होता है।
विधि
इस आसन में पीठ के बल सीधे लेट जाएं।
दोनों पैरों को मोड़कर घुटनों को छाती की ओर लाएं।
दोनों हाथों से घुटनों को पकड़कर हल्के से दबाएं।
चाहें तो सिर उठाकर ठुड्डी को घुटनों के करीब लाएं।
15–20 सेकंड तक सामान्य सांस लेते हुए इसी स्थिति में रहें।
फिर धीरे-धीरे पैरों को सीधा करके सामान्य अवस्था में लौट आएं।
इस आसन को 3–5 बार दोहराएं।
Read Also: Health: एक दिन में कितना खाना चाहिए आम, इस फल का ज्यादा सेवन कर देगा आपको बीमार



