UP: सपा विधायक आलमबदी आजमी का निधन, मुलायम सिंह यादव गंभीरता से सुनते थे बात, 5 बार बने MLA

azmi_w_M9EQzor.jpg

Alam Badi Azmi Passes Away: उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले की निजामाबाद विधानसभा सीट से पांच बार विधायक रहे समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आलमबदी आजमी का 90 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। लंबे समय से बीमार चल रहे आलमबदी आजमी का गोरखपुर स्थित मेदांता अस्पताल में इलाज चल रहा था। सपा विधायक के निधन की खबर सामने आते ही राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर दौड़ गई।

आलमबदी आजमी के निधन पर सपा विधायक दुर्गा प्रसाद यादव ने शोक जताते हुए उन्हें महान और आदर्श व्यक्तित्व बताया। उन्होंने कहा कि आजमी हमेशा जनता से जुड़े रहे और बेबाकी से उनकी आवाज उठाते थे। सपा नेता के निधन से पार्टी और समाज को बड़ी क्षति हुई है। भगवान से प्रार्थना है कि उनके परिवार को इस दुख की घड़ी में सहनशक्ति प्रदान करें।

आलमबदी आजमी का जन्म 16 मार्च 1936 को आजमगढ़ जिले की सगड़ी तहसील के ग्राम बिंदवल में हुआ था। उनकी प्रारंभिक शिक्षा गोरखपुर के मियां साहब इस्लामिया इंटर कॉलेज से हुई, जहां उनके पिता शिक्षक के रूप में कार्यरत थे। बचपन से ही शिक्षा और सामाजिक सरोकारों से जुड़े माहौल में पले-बढ़े आलमबदी आजमी ने आगे चलकर राजनीति में अपनी अलग पहचान बनाई। साथ ही उनका राजनीतिक सफर बेहद लंबा और प्रभावशाली रहा।

वहीं, उन्होंने पहली बार साल 1996 में आजमगढ़ लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा था। इसके बाद साल 2002, 2012, 2017 और 2022 के विधानसभा चुनावों में भी जीत दर्ज की। हालांकि, 2007 के चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। इसके बाद उन्होंने मजबूत वापसी करते हुए लगातार चुनाव जीते और क्षेत्र में अपना जनाधार बनाए रखा। इसके अलावा बदी साहब ने 2012 का चुनाव महज 2 लाख रुपए में ही लड़ा था। इस तरह अपने लंबे राजनीतिक करियर में वह सिर्फ एक बार चुनाव हारे थे।

Read Also:UP: अमरोहा में एक दुल्हा...तीन दुल्हन, सगी बहनों ने कैमरामैन को बनाया जीवनसाथी, विरोध करने पर दिया रामायण का उदाहरण

दिग्गज नेताओं में होती थीं गिनती

जमीनी सियासत से जड़े आजमबदी आजमी एक नायाब हीरे के सामान थे। न कभी विधायकी का गुरूर और न सियासत का रौब उनमें था। यही वजह है आज भी समर्थकों और आम लोगों के बीच उनकी लोकप्रियता ज्यों की त्यों बनी हुई हैं। विधायक बनने के बाद उनके पहनावे में तनिक भी बदलाव नहीं आया।  

आजमबदी साहब की गिनती सपा के दिग्गज नेताओं के रूप में की जाती थीं। इसके अलावा समाजवादी पार्टी के मुखिया रहे मुलायम सिंह और वर्तमान अखिलेश यादव भी अक्सर उनकी बातों पर अमल करते थे। बदी साहब के जाने से न केवल यूपी बल्कि देश की राजनीति में अपूर्णीय एक क्षति हुई हैं।

Read Also: Parliament Monsoon Session: चौथे दिन भी दोनों सदनों में कार्यवाही ठप, नीट पेपर लीक पर विपक्ष का प्रदर्शन

Read Also: PM Modi on Paper Leak: फास्ट ट्रैक कोर्ट्स का होगा गठन, नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने दिया जवाब