Jewar Airport: नोएडा में बने जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए आज 15 जून का दिन इतिहास के पन्नों में खास अध्याय के साथ जुड़ गया। यह दिन सिर्फ एयरपोर्ट के लिए ही नहीं, बल्कि उन किसानों के लिए भी यादगार बन गया जिनकी जमीन पर इस महत्वाकांक्षी परियोजना ने आकार लिया। पहली बार 172 किसान जेवर एयरपोर्ट से लखनऊ के लिए उड़ान भरी। इसमें ज्यादातर वो किसान शामिल हैं जिन्होंने अपनी ज़मीन इसके निर्माण कार्य में दी थी।
इंडिगो की पहली फ्लाइट ने आज सुबह 7:05 बजे लखनऊ स्थित चौधरी चरण सिंह इंटरनेशनल एयरपोर्ट से रवाना होकर सुबह 8:05 बजे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर लैंड किया। इस फ्लाइट में उन 172 किसानों ने सफर किया जिन्होंने अपनी जमीन इस एयरपोर्ट के निर्माण के लिए दी हैं। लखनऊ पहुंचकर ये किसान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात करने जा रहे हैं। इसके बाद यहां से बेंगलुरु के लिए नियमित कमर्शियल फ्लाइट्स की सेवाएं शुरू हो जाएंगी।
करीब 3300 एकड़ में फैला यह एयरपोर्ट दिल्ली एनसीआर का तीसरा और यूपी का पांचवां अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा है। मिली जानकारी के अनुसार, जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट की पहली उड़ान में 172 किसान लखनऊ के लिए रवाना हुए। इस विशेष यात्रा में जेवर विधायक धीरेंद्र सिंह भी शामिल रहें। विधायक के साथ इस यात्रा में वरिष्ठ अधिकारी, जनप्रतिनिधि और कुछ कारोबारी भी शामिल रहें। एयरपोर्ट प्रबंधन ने भी पहली फ्लाइट के स्वागत के लिए वॉटर सैल्यूट समेत कई खास इंतजाम किए हैं।
बताया जा रहा है कि, मुख्यमंत्री इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए भूमि देने वाले किसानों का औपचारिक रूप से सम्मान और धन्यवाद ज्ञापित करेंगे। यह पहल विकास की इस बड़ी परियोजना में किसानों के योगदान को यादगार बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। जेवर एयरपोर्ट अधिकारियों के मुताबिक, शुरुआती चरण में घरेलू उड़ानों को प्राथमिकता दी गई है। 15 जून से यहां से लखनऊ और बेंगलुरु के लिए नियमित उड़ान सेवाएं शुरू होंगी| जबकि, 16 जून से हैदराबाद, जम्मू और अमृतसर जैसे प्रमुख शहरों के लिए भी कनेक्टिविटी शुरू कर दी जाएगी।
इसके अलावा आने वाले समय में बरेली, नवी मुंबई, श्रीनगर, जयपुर, धर्मशाला, भोपाल, चंडीगढ़, किशनगढ़ और देहरादून समेत देश के कई अहम शहरों को भी जेवर एयरपोर्ट से जोड़ने की योजना है। अधिकारियों का मानना है कि, इससे न केवल यात्रियों को बेहतर सुविधा मिलेगी, बल्कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश और एनसीआर क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी। विकास की दिशा में यह सरकार का बड़ा कदम है।
गौरतलब है कि, बीते 28 मार्च 2026 को जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन हुआ था। इस दौरान सामने आई तस्वीरें इसकी भव्यता और आधुनिक सुविधाओं की गवाही दे रही थीं। विश्व स्तरीय सुविधाओं से लैस यह एयरपोर्ट न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि पूरे उत्तर भारत की कनेक्टिविटी को नई दिशा देने वाला माना जा रहा है। सड़क, रेल और एक्सप्रेसवे नेटवर्क से जुड़ा यह एयरपोर्ट यात्रियों के लिए बेहद सुविधाजनक साबित होगा। यही वजह है कि इसे देश के सबसे महत्वपूर्ण एविएशन हब में से एक के रूप में देखा जा रहा है।
